प्रेम, योग और मेरे पसंदीदा सॉन्ग के मिश्रण से बना है 'जलने में है मजा': श्वेता शेट्टी

मुंबई/रायपुर। हाल ही में रिलीज हुई 'जलने में है मजा' सॉन्ग एक नहीं, बल्कि दो पीढ़ियों के लोगों के दिलों में गुजर-बसर कर रहा है, जिसका कारण है इसका साउंड। यही वजह है कि इस सॉन्ग में नब्बे के दशक के डिस्को को रेट्रो से मिश्रित करने के परिणामस्वरूप दो पीढ़ियों का बेमिसाल मिलन हुआ है। दरअसल इस सॉन्ग को वर्ष 1994 में पहली बार कम्पोजर्स सलीम-सुलेमान ने बनाया था। श्वेता शेट्टी ने अपने एल्बम 'जॉनी जोकर' के साथ भारत में पॉप म्यूजिक कल्चर को इस सॉन्ग के माध्यम से पुनःपरिभाषित किया गया है। सॉन्ग के बारे में बात करते हुए श्वेता शेट्टी कहती हैं, जलने में है मजा एक लव सॉन्ग है, जो मेरे दिल के बेहद करीब है। इसकी लिरिक्स मुझे बेहद पसंद है क्योंकि इसमें दिल की गहराई तक प्रेम तथा भावना का समावेश है। इसकी हर एक लाइन आपको भावनाओं की लहरों में बहने को मजबूर कर देगी। मैं जब भी यह सॉन्ग सुनती थी, तो मन में एक ही ख्याल आता था, कि एक न एक दिन मैं भी इस पर काम करुँगी। 21 वर्षों बाद ही सही, आखिरकार वह दिन आ ही गया, जब मैं इसे पुनर्निर्मित करने में सक्षम हुई हूँ।

जहाँ एक ओर दुनिया महामारी से गुजर रही थी, तब मैंने इस सॉन्ग की उम्दा शुरुआत की। इस सॉन्ग को प्लान करते समय मैंने निश्चित नियम नहीं बनाए, बस यह बनता गया और मैं इसमें बहती गई। इसी का परिणाम है कि 'जलने में है मजा' आज आपके सामने हैं। कंटेम्परेरी डांस के बारे में वे कहती हैं, यह डांस देखने में जितना सुहाना लगता है, असल में उतना ही भयानक है। इसकी एक-एक स्टेप अपने में बहुत सारी प्रैक्टिस लेकर आती है। चूँकि मैं निरंतर योग करती हूँ, मुझे इसे सिखने में कुछ कम परेशानी हुई। 3 फीट की ऊंचाई से अपने सिर को नीचे लेकर आने में मुझे बहुत डर लगता था, लेकिन स्ट्रेचिंग आदि को मैंने बेहद आसानी से सिख लिया। दरअसल मैं उन्नत अष्टांग योग विद्यार्थी रही हूँ, लेकिन कंटेम्परेरी डांस का अनुभव अपने जीवन में पहली बार ही किया है। इस प्रकार, प्रेम, योग और मेरे पसंदीदा सॉन्ग के मिश्रण से बना है 'जलने में है मजा'।