महाराष्ट्र के संगमनेर में बोले भूपेश बघेल-किसान मजबूत होंगे तो देश मजबूत होगा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि देश के किसान-मजदूर मजबूत होंगे तो देश मजबूत होगा, यदि वे कमजोर होंगे तो देश भी कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने किसानों-मजदूरों-गरीबों की जेब में पैसा पहुंचाने का काम किया है, यही वजह है कि छत्तीसगढ़ मंदी के असर से अछूता रहा। मुख्यमंत्री बघेल ने यह बातें बुधवार को महाराष्ट्र के संगमनेर में एक समारोह में कही। यह समारोह महाराष्ट्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और सहकारिता आंदोलन के प्रणेता स्व. भाऊ साहेब थोर्रात और हरित-क्रांति में अपने योगदान के लिए याद किए जाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. अन्ना साहेब शिंदे की जंयती पर रखा गया था। मुख्यमंत्री बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. भाऊ साहेब थोर्रात और स्व. अन्ना साहेब शिंदे को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों ने किसानों, मजदूरों के कल्याण के लिए जो रास्ता दिखाया था, छत्तीसगढ़ उसी रास्ते पर चल रहा है।  मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि कोरोना के बावजूद छत्तीसगढ़ में व्यापार-उद्योग में कमी नहीं आई। सितंबर-अक्टूबर माह में 24 प्रतिशत और नवंबर में 26 प्रतिशत जीएसटी कलेक्शन के साथ छत्तीसगढ़ देश में अव्वल रहा। दिसंबर महीने में छत्तीसगढ़ की उपलब्धि 10 प्रतिशत की रही। कोरोना काल में छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा मोटरसाइकिलें, कारें, ट्रैक्टरों की बिक्री हुई। सोने के जेवर, कपड़े भी खूब बिके। पूरी दुनिया की कोई सरकार नहीं है, जो गोबर खरीदती है, लेकिन हम 2 रुपए किलो में गोबर खरीद रहे हैं। अब लोग गोबर बेचकर मोटरसाइकिलें खरीद रहे हैं। हवाई यात्राएं कर रहे हैं। जिनके पास भूमि अथवा पशु नहीं हैं, वे भी केवल गोबर इकट्ठा कर आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने रायगढ़ निवासी सुखराम यादव का उदाहरण देते हुए बताया कि उसने तथा उसकी पत्नी ने गोबर इकट्ठाकर चार महीने में 96 हजार रुपए कमाए हैं। इस तरह उन्होंने गोबर से हर महीना 24 हजार रुपए की आमदनी प्राप्त की।