कोरोना वैक्सीन ही केवल उपचार नहीं, जल्दबाजी से बेहतर इंतजार कर सही दवा का चुनाव करें : टीएस सिंहदेव

रायपुर। ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस की वीडियो कांफ्रेंसिंग में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव शामिल हुए। उन्होंने कोरोना संक्रमण की परिस्थिति व वैक्सीन पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन ही केवल कोरोना का उपचार नहीं है। इतने समय से यह संक्रमण हमारे बीच है। हम इससे लड़ने के लिए सावधानी बरत रहे हैं। नियमित रूप से हाथ धोना, मास्क पहनना और शारीरिक दूरी बनाकर रखना भी कोरोना की दवा के समान ही है। इतने समय तक कोरोना से लड़ने में हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर्याप्त रही है। हमें केवल कोरोना वैक्सीन के इंतजार में नहीं बैठना चाहिए,बल्कि अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर भी ध्यान रखना चाहिए।टीएस सिंहदेव ने कहा कि भारत विश्व में दवाओं के सबसे बड़े उत्पादकों में शामिल है। हमारे लिए दवा का उत्पादन इतनी चिंता का विषय नहीं है, जितना दवा को देश के कोने-कोने तक पहुंचाना है। इस दौर में विश्व की अलग-अलग कंपनियां दवा बनाने में लगी हुई है।  इससे प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है।

इस दवाओं के बाजार में हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि अभी तक किसी भी दवा को कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं मिला है। दवा के वितरण से पूर्व हमें धैर्यपूर्वक यह निर्धारित करना होगा कि कौन सी दवा हमारे देशवासियों के लिए सबसे बेहतर है।  एक ओर कुछ दवा के लिए -70 तापमान का वातावरण निर्धारित है तो वहीं कुछ दवाएं ऐसी भी हैं जो हमारे देश की स्थिति के अनुकूल नहीं हैं।स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने आगे कहा कि हमें यह मानकर चलना होगा कि फरवरी के अंत तक कोरोना की वैक्सीन बाजार में उपलब्ध होगी। उस समय तक हमें कोविड प्रोटोकॉल पर चलना होगा। इसके साथ ही सरकारों को यह निर्धारित करना होगा कि किस वर्ग (आयुसीमा, कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता आदि) को वैक्सीन पहले दी जाएगी। हमें फ्रंटलाइन और हेल्थ वर्कर्स को सबसे पहले प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। देश के सभी लोगों को वैक्सीन देने की इस पूरी प्रक्रिया में 6 महीने से 3 सालों तक का समय लगेगा। इस समय में धैर्य और संयम के साथ ही पूर्व निर्धारित योजना भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी। इस बैठक में वरिष्ठ वैज्ञानिक लेखक (श्वेतपत्र) धनंजय नवांदर, पूर्व सांसद (राज्य सभा) एमवी राजीव गौड़ा, शांभवी नायक और राहुल सिंघवी उपस्थित थे।

 

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