नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के जुर्म में सौतेले पिता को आजीवन कारावास, 50 हजार रुपए जुर्माना 

रायपुर। नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के आरोपी सौतेले पिता को फास्ट ट्रेक विशेष न्यायालय ने आजीवन कारावास (मृत्यु पर्यंत) और 50 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। पुलिस ने मामले में तत्परता दिखाते हुए 5 दिन के भीतर विवेचना पूर्ण कर आरोपी को सजा दिलाई। मामले में पीड़िता की मां ने शिकायत की थी कि वह दूसरे पति और 2 बच्चों के साथ तेलीबांधा रायपुर में रहती है। 5 जून को आरोपी अर्जुन पाल ने जबरन घर में घुसकर 9 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म कर फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना तेलीबांधा में धारा 376(ए,बी), 376(2)(च),376(2)(ड), 377 भादवि. और पाक्सो 5(झ)(ड)(ढ)/6 का अपराध दर्ज कर तलाश शुरू की थी।
पुलिस के मुताबिक आरोपी अर्जुन पाल (25 वर्ष)तेलीबांधा रायपुर का रहने वाला है। 


उपनिरीक्षक दिव्या शर्मा ने प्रकरण की त्वरित विवेचना करने के साथ ही थाना तेलीबांधा पुलिस टीम के साथ मिलकर आरोपी की पतासाजी की। प्रकरण में आरोपी अर्जुन पाल को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए 5 दिन के भीतर विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय शुभ्रा पचैरी अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक विशेष न्यायालय पाक्सो रायपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस पर शासकीय अधिवक्ता मौरिसा नायडू की दलील पर न्यायालय ने 22 जुलाई गुरुवार को प्रकरण के आरोपी अर्जुन पाल को आजीवन कारावास (मृत्यु पर्यन्त) और 50 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। 


घटना से 9 वर्षीय पीड़िता बहुत बुरी तरह व गंभीर रूप से आहत हो गई थी। वह जीवन-मृत्यु के मध्य संघर्ष कर रही थीं। आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी। इस पर थाना तेलीबांधा में पदस्थ उपनिरीक्षक दिव्या शर्मा ने पीड़िता को अपनी कस्टडी में लेते हुए उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज कराया। पीड़िता के पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाने पर उज्जवल भविष्य के मद्देनजर उसे थाना तेलीबांधा पुलिस ने माना स्थित राष्ट्रीय संस्था एसओएस (सेव अवर सोल) में भर्ती कराया। साथ ही विधिक सहायता केन्द्र से प्राप्त होने वाली राशि के संबंध में भी प्रक्रिया की जा रही हंै। इससे पीड़िता इस राशि का शिक्षा के लिए उपयोग कर सके। पुलिस उक्त संस्था में बीच - बीच में जाकर पीड़िता की जानकारी भी ले रही है।