धर्म-संसद के आयोजक ने मामले से झाड़ा पल्ला, कहा- विवादित बयान के लिए कालीचरण जिम्मेदार, हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं 

रायपुर। राजधानी में हुए धर्म संसद में संत कालीचरण के बिगड़े बोल और आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद मंगलवार को नीलकंठ सेवा संस्थान के संस्थापक और आयोजक नीलकंठ त्रिपाठी मीडिया के सामने पहुंचे। उन्होंने कहा कि कालीचरण की ओर से की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की हम कड़ी निंदा करते है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हमारे देश के महापुरूष एवं पुज्यनीय है। उनके खिलाफ धर्म संसद के मंच से कालीचरण की ओर से आपत्तिजनक टिप्पणी करना अशोभनीय है।

वहीं पूरे मामले में उन्होंने आयोजको के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि संत कालीचरण ने आपत्तिजनक टिप्पणी की है। हम उसकी पहले भी निंदा कर चुके हैं। शासन-प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। त्रिपाठी ने कहा कि हमने पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा महंत रामसुंदर दास को दी थी। उन्होंने कहा​ था कि मंच का संचालन केवल संत ही करेंगे। यहीं कारण है कि हम लोगों के आपत्ति के बाद भी संत कालीचरण विवादित टिप्पणियां करते रहे।