फोर्स की मुस्तैदी और बढ़ते दबाव से अब नक्सली कर रहे बस्तर से पलायन, लाल आतंक भी शिफ्ट होने की तैयारी में

रायपुर। फोर्स की मुस्तैदी और बढ़ते दबाव से नक्सली शीर्ष नेता अब बस्तर से पलायन कर रहे हैं। लाल आतंक भी यहां से शिफ्ट होने की तैयारी में हैं। सूत्रों से जानकारी मिली है कि नक्सली दो नए कॉरिडोर बना रहे हैं। केरल-कर्नाटक और तमिलनाडु को ट्राई जंक्शन के नाम पर विकसित कर रहे हैं। इसकी कमान पक्का हनुमन्तु उर्फ सोमदु उर्फ गणेश उइके को सौंपी गई है। उसके स्थान पर खत्म सुदर्शन को नियुक्त किया गया है। वहीं सीएमसी की कमानके प्रभारी पीपरी तीरूपति उर्फ देवजी को मिलिंद तेलतुंबड़े की जगह एमएससी को डेव्हलपमेंट करने की जिम्मेदारी सौंपी जाने की खबर सूत्रों के हवाले से मिली है।

छग-महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश को एमएमसी कारीडोर का नाम दिया है। 2020 की 69 मुठभेड़ों में 40 और 2021 की 74 मुठभेड़ों में 51 नक्सली मारे गए। 3 वर्षों में बस्तर के नक्सलगढ़ में 36 नए कैंप खुले। आईजी बस्तर सुन्दरराज पी के अनुसार बस्तर में नक्सली कमजोर हो चुके हैं। उनकी बड़ी सप्लाई लाइन को पुलिस ने ठप्प कर दिया है। गणेश उइके सहित कई नक्सल नेताओं की लंबे समय से कोई सक्रियता के संकेत नहीं मिल रहे हैं।