कोचिंग सेंटर्स में नहीं फायर एस्टेनगयुशर,फॉयर अलार्मिंग सिस्टम, 15 दिन में लगाने का आदेश

 

 
भोपाल। गुजरात के सूरत में कोचिंग सेंटर में हुए भीषण आगजनी के बाद अग्निकांड के बाद मध्यप्रदेश के कोचिंग सेंटरों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। भोपाल के कोचिंग सेंटरों की चेकिंग के लिए चार टीमें बनाई गई है, जो शहरभर के कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा और सेफ्टी व्यवस्था जांच कर रही है। चेक किए गए 11 सेंटर में से 10 में लापरवाही देखने को मिली। जहां सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नही मिले है। इसके लिए सभी कोचिंग सेंटरों को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है ताकि वे व्यवस्था दुरुस्त कर ले वरना कार्रवाई की जाएगी। 
चेक किये गए 11 सेंटर में से 10 में फायर एस्टेनगयुशर और फॉयर अलार्मिंग सिस्टम नहीं पाया गया। बता दें कि एमपी नगर में ही लगभग 500 कोचिंग सेंटर्स संचालित किए जा रहे हैं। सुरक्षा को ताक पर रखकर कोचिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं। 
बता दे कि इस हादसे के बाद भोपाल की संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा के लिए शहर में चार टीमें बनाई, जो पूरे भोपाल की कोचिंग संस्थानों के बारे में ब्यौरा इकट्ठा करेंगे और जो उन्हें सौंपेंगें। 
 मुख्यमंत्री कमल नाथ ने प्रदेश के सभी कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को पुख्ता बनाने एवं इस संबंध में सभी ज़रूरी क़दम उठाने के निर्देश मुख्य सचिव को दिए हैं। कमलनाथ ने मुख्य सचिव से कहा है कि सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित करें कि वे अपने जिले में चल रहे सभी कोचिंग संस्थानों को सूचीबद्ध कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करें।