रेडी टू इट की क्वालिटी पर उठ रहे सवाल, लोग चारे के रूप में उपयोग कर पकड़ रहे मछली

कवर्धा। रेडी टू इट का उपयोग कर्वधा जिले में लोग मछली पकड़ने के लिए कर रहे हैं। ऐसे में रेडी टू इट की क्वलिटी पर सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि इस पोषण आहार को बच्चे व महिलाएं नहीं मछलियां खा रहीं है। कवर्धा जिले में गरी लेकर मछली पकड़ने गए लोग रेडी टू ईट के पैकेट को साथ लेकर जा रहे हैं। वहां पानी में भींगकर रेडी टू इट के आटे से ही गरी में मछलियों के लिए चारा दे रहे हैं। सरोधा बांध व अन्य कुछ स्थानों पर रेडी टू इट के पैकेट से मछली पकड़ते दिखाई दे रहे हैं। रेडी टू इट निर्माण में लगे महिला समूह गम्भीर नहीं है और क्वलिटी पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण लोग इसका उपयोग मछली पकड़ने में कर रह हैं।

वर्जन
शासन, महिला समूह के माध्यम से रेडी टू इट का निर्माण करवाता है और बच्चों व महिला को वितरण किया जाता है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरण होता है। वितरण करने के बाद लोग इसका कैसे उपयोग करते हैं इस पर नही बोल सकते। क्वालिटी की जांच बीच-बीच में होती है।
आनंद तिवारी, कार्यक्रम अधिकारी, महिला और बाल विकास विभाग