महिला स्व-सहायता समूह बना रहीं बांंस-ताड़, मोती-रत्न, धागे और ऊन की राखियां

बीजापुर। रक्षाबंधन त्यौहार को देखते हुए बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लाक अंतर्गत ग्राम कर्रेमरका और बेलचर की स्व सहायता समूह की महिलायें इन दिनों राखियाँ बनाने में जुटी हुई हैं। महिलाएं विशेष तौर पर बांस और ताड़ की राखियाँ बना रही हैं,जिसमें मोती, रत्न, ऊन और धागे का उपयोग किया जा रहा है। राखियों के साथ ही महिलाएं बांस की आकर्षक गहने भी बना रहीं हैं। इस बारे में कर्रेमरका की हिंगलाजिन महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष रमशीला यादव बताती हैं कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से उनके समूह के सदस्यों को राखी बनाने के लिए उत्कृष्ट डिजाइनरों से प्रशिक्षण प्रदान किया गया था। इसके साथ ही आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई गई, जिससे उनका समूह सजावटी आकर्षक राखियां बना रही हैं। उनके समूह को उम्मीद है कि रक्षाबन्धन के त्यौहार से अच्छी आमदनी होगी।


जनपद पंचायत भैरमगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरकरा ने बताया कि कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में महिला स्व-सहायता समूहों को विभिन्न आयमूलक गतिविधियों के संचालन के लिए प्रशिक्षण देने के साथ ही सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके फलस्वरूप कर्रेमरका एवं बेलचर की इन महिला समूहों ने करीब 800 आकर्षक एवं सुंदर राखियां बनाई हैं। निर्मित राखियों का विक्रय बिहान मार्ट में किया जायेगा। इसके साथ ही ऑनलाइन आर्डर भी लिये जाएंगे। महिलाओं को प्रोत्साहित करने अधिक से अधिक राखियाँ बिकवाने के लिये राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा होलसेल व्यवसायी एवं खुदरा दुकानदारों को उपलब्ध करवाया जाएगा।