क्या प्रदेश सरकार नक्सलियों की इच्छा से संचालित होकर आत्मसमर्पण की मुद्रा में घुटनों पर रेंगने को मजबूर है? : भाजपा

रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने नक्सलियों के दबाव में सिलगेर के पुलिस गोलीचालन में मृत आदिवासी किसानों की ओर से मुआवजा नहीं लेने संबंधी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के बयान को बेहद बचकाना और हास्यास्पद बताया है। उन्होंने पूछा कि क्या प्रदेश सरकार नक्सलियों की इच्छा से संचालित होकर आत्मसमर्पण की मुद्रा में घुटनों पर रेंगने को मजबूर है? साय ने कहा कि तुच्छ राजनीतिक स्वार्थों के लिए अपनी व्यक्तिगत सम्पदा मानकर प्रदेश का ख़ज़ाना दूसरे प्रदेश में लुटाती अपनी प्रदेश सरकार के निकम्मेपन का ऐसा शर्मनाक बचाव करने का संभवत: यह पहला चापलूसीभरा उपक्रम छत्तीसगढ़ में हुआ है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष होने के नाते मरकाम को अपनी पार्टी के मुख्यमंत्री से कम-से-कम यह तो पूछना ही चाहिए था कि आख़िर प्रदेश के ख़ज़ाने को बिना कैबिनेट व प्रदेश की विधायिका के अनुमोदन के उत्तरप्रदेश में किस मद के तहत लुटा रहे हैं?