सांसद सुनील सोनी ने कहा-भयभीत मुख्यमंत्री 5 लोगों से वन टू वन बात नहीं कर सकते,मन में उनके घबराहट है

रायपुर। भाजपा सांसद सुनील सोनी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर हमला बोला है। सांसद सोनी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से मुलाकात का समय नहीं दिए जाने पर कहा है कि भयभीत मुख्यमंत्री जो सीधे 5 लोगों से वन टू वन बातचीत नहीं कर सकते, मन में  उनके घबराहट है। वो कुछ  कर नहीं पा रहे हैं इसलिए हमसे वन टू वन बात नहीं कर रहे हैं। ऐसे में वो छत्तीसगढ़ की जनता की रक्षा कैसे करेंगे। जब वे जिम्मेदार विपक्ष से नहीं मिल पा रहे हैं। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में सांसद सुनील सोनी सहित 5 सदस्य मिलने वाले थे। हमने मुख्यमंत्री से कोई समस्या है तो बात करने का समय मांगे थे, ताकि केन्द्र सरकार से बात कर समाधान करवा सकें। ये केवल राजनीति कर रहे हैं,ये समस्या पैदा करके राजनीति कर रहे हैं और हम समस्या का समाधान करने जा रहे थे।
सांसद सुनील सोनी ने कहा कि हर दिन वायुसेना का विमान राजधानी रायपुर में वैक्सीन, ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर जैसी जीवन रक्षक चीजों को लेकर आ रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने तो मुख्यमंत्री से मिलने का समय ही इसलिए मांगा था कि  हम  केंद्र और राज्य के बीच सेतु बने। जिम्मदार विपक्ष के नाते संकट से निपटने आवश्यक सुझाव दे सकें, लेकिन अधिकारियों के बीच बैठक करने वाले मुख्यमंत्री ने हमें मिलने का समय नहीं दिया। वर्चुअल बैठक के लिए फोन आने लगे।
सांसद सोनी ने कहा कि वैक्सीन के ग्लोबल टेंडर पर कांग्रेस के लोग भ्रम पैदा कर रहे हैं। उन्हें विदेश नीति समझनी चाहिए। विश्वस्तर पर कई निर्णय होते हैं। सांसद सुनील सोनी ने कहा कि कांग्रेस सरकार को ध्यान होना चाहिए कि गंगा जल हाथ में लेकर शराबबंदी की सौगंध खाई थी। अन्य राज्यों से तुलना कर सरकार बच नहीं सकती है। सांसद ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर कहा कि देश संकट के दौर में खड़ा है। इस वक़्त राजनीति की नहीं इलाज की जरूरत है। ऐसे वर्ष में सोनिया गांधी सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर सवाल उठाती हैं। उन्हें इस बात पर गर्व करना चाहिए कि अंग्रेजों के बनाए भवन से हटकर अब स्वदेशी भवन में जाने की तैयारी की जा रही है। सोनिया गांधी को पूछना ही है तो भूपेश बघेल से पूछना चाहिए,आखिर क्यों नया रायपुर में नया विधानसभा भवन बनाया जा रहा है? मुख्यमंत्री और मंत्रियों के आवास बनाए जा रहे हैं, लेकिन कोरोना के बीच सिर्फ ये लोग राजनीति कर रहे हैं।
सांसद सोनी ने वैक्सीन पर कहा कि राज्य सरकार ने कोवैक्सीन को लेकर राजनीति की और बाद में खुद मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने कोवैक्सीन लगवाई है। यही सरकार आंकड़ा जारी कर ये कहती है कि देश में वैक्सीनेशन में छत्तीसगढ़ आगे हैं। सरकार ने आकंड़ा जारी कर कहा था कि एक दिन में चार लाख वैक्सीन लगाई गई, लेकिन अब क्या हाल है? अब वैक्सीन क्यों नही लगाई जा रही है। प्रदेश सरकार वैक्सीन जातिवाद को लाई। वैक्सीन को लेकर राज्य में नीला कार्ड, पीला कार्ड, लाल कार्ड की राजनीति ठीक नहीं है। बाबा घासीदास ने कहा था कि मनखे मनखे एक समान, लेकिन कोरोना संकट में भी सरकार वर्गभेद कर रही है। इस संकट के वक़्त कांग्रेस सरकार पूरी तरह से राजनीति में उतर आई है।
सांसद सोनी ने ऑनलाइन शराब बिक्री पर कहा कि सरकार की नियत होती तो लॉकडाउन में शराबबंदी की ओर कदम उठाया जा सकता था, लेकिन सरकार ऑनलाइन शराब बेच रही है। ऑनलाइन शराब बेचकर सरकार पीठ थपथपा रही है कि दो दिन में करोड़ों रुपए की शराब बेची गई। शराब पर कोरोना सेस लगाकर जो 600 करोड़ रुपए सरकार के खजाने में आए आखिर कोरोना राहत में उस राशि का खर्च कब किया जाएगा।सरकार के पास 1 हजार करोड़ रुपए पड़े हैं। वैक्सीन खरीदने के लिए अब तक सिर्फ 15 करोड़ रुपए कंपनियों को दिए गए हैं। सांसद सोनी ने  कांग्रेस को चुनौती दी है कि ये बताएं कि कोरोना के खिलाफ जमीन पर क्या किया? युवाओं की आयु बढ़ाने का काम सरकार करें,शराब बेचकर आय बढ़ाने का नहीं। सरकार ये न मान लें कि राज्य से कोरोना चला गया। सांसद सोनी ने सरकार से आग्रह किया है कि विशेषज्ञों से सलाह और सुझाव लेकर कोरोना से लड़ाई की नीति तैयार की जाए। फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स का बीमा कराया जाए।