पीएम मोदी बोले—पहले किसान अपनी जरूरत के लिए लाठियां खाने को मजबूर था

गुजरात/रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर में सहकार से समृद्धि कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम आज सहकार से समृद्धि की चर्चा कर रहे हैं। सहकार गांवों के स्वावलंबन का भी बहुत बड़ा माध्यम है। उसमें आत्मनिर्भर भारत की ऊर्जा है। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए गांवों का आत्मनिर्भर होना बहुत आवश्यक है। इसलिए पूज्य बापू और सरदार पटेल ने हमें जो रास्ता दिखाया, उसके अनुसार आज हम मॉडल कॉपरेटिव विलेज की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। आज आत्मनिर्भर कृषि के लिए देश पहले नैनो यूरिया लिक्विड प्लांट का उद्घाटन करते हुए मैं विशेष आनंद की अनुभूति करता हूं। अब यूरिया की एक बोरी की जितनी ताकत है, वो एक बोतल में समाहित है। नैनो यूरिया की करीब आधा लीटर बोतल, किसान की एक बोरी यूरिया की जरूरत को पूरा करेगी। 7-8 साल पहले तक हमारे यहां ज्यादातर यूरिया खेत में जाने के बजाए, कालाबाजारी का शिकार हो जाता था और किसान अपनी जरूरत के लिए लाठियां खाने को मजबूर हो जाता था। हमारे यहां बड़ी फैक्ट्रियां भी नई तकनीक के अभाव में बंद हो गई।