स्व. उखण्ड राव की मौत ने झूठे मुख्यमंत्री की पोल खोलकर रख दी है - विजय बघेल

रायपुर। हरि नगर कटुलबोर्ड निवासी स्व. उखण्ड राव उर्फ योगेश वानखेड़े उम्र 45 वर्ष जो की विगत 5, 6 वर्षो से खाद्य आपूर्ति मंत्रालय में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी था, उसकी किसी छोटी सी गलती की वजह से उसे कार्य से निकाल दिया गया। वह लगातार अपनी नौकरी की बहाली के लिए मुख्यमंत्री, खाद्य मंत्री, मुख्य सचिव आदि से निवेदन करता रहा। परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई, और उसे श्रम न्यालय की शरण में जाना पड़ा और न्यायालय ने कर्मचारी के हक में फैसला दिया। जिसके परिपालन के लिए योगेश वानखेड़े पिछले चार महीने से लगातार अपने विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के पास गुहार लगाता रहा, परंतु उसे कार्य पर भी नहीं रखा गया। उसे अपने परिवार को पालने की परेशानी हो रही थी । आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह अपने बच्चों की स्कूल की फीस भी नहीं पटा पा रहा था, बच्चो का स्कूल जाना भी बंद हो गया, परिवार का भरण पोषण और बच्चों के स्कूल की चिंता से अत्यंत परेशान हो गया था । प्रदेश के असंवेदनशील मुख्यमंत्री, मंत्री एवं अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना पूर्णक व्यवहार से एक मेहनती और ईमानदार युवा दो बच्चों (बेटी 11वीं कक्षा व बेटा 8 वीं कक्षा) का पिता मजबूर होकर अंततः मौत को गले लगा लिया। आज उसके अंतिम संस्कार के पूर्व उसके परिवार से मिलने एवं संवेदना व्यक्त करने दुर्ग के लोकसभा सांसद विजय बघेल पहुंचे, परिवार से मिल कर परिवार को ढाढस बढ़ाया तथा राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा की छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के मुख्यमंत्री की संवेदनाएं मर चुकी है बड़े अहंकार व घमंड से बेशर्मी पूर्वक बड़े बड़े होर्डिंग लगाकर, समाचार पत्रों में बड़ी बड़ी विज्ञापन देकर डिंडोरा पीटते हैं कि छत्तीसगढ़ मे बेरोजगारी दर मात्र 0.4 प्रतिशत है, अपने चुनावी घोषणा पत्र में अन्य झुठे वादों के साथ साथ दैनिक वेतन कर्मचारियों को सरकार बनते ही नियमित कर देने की बातें भी कही गई थी । मगर आज कांग्रेस के जन घोषणा पत्र ने एक और बलि ले ली। निराश-हताश युवा, मंत्रालय खाद्य विभाग में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी दुर्ग निवासी स्वर्गीय उखण्ड राव उर्फ योगेश वानखेड़े के द्वारा आत्महत्या के लिए उठाए गए कदम इस झुठे मुख्यमंत्री के गाल में करारा तमाचा है । इतनी बड़ी घटना हो गई उनके मुख से संवेदना के दो शब्द नहीं निकले, स्थानीय उनके सिपहा सलाहकार भी नजर नहीं आए जबकि तत्काल संवेदना व्यक्त करते हुए सहायता राशि की घोषणा करते । यूपी और अन्य प्रदेशों में यहाँ के धन को सहायता राशि के रूप में लुटाया जा रहा है और अपने ही जिले के लोगों की चिंता नहीं है । मुख्यमंत्री से हम मांग करते हैं कि तत्काल दोषी अधिकारियों के ऊपर कार्यवाही करे, परिवार को 50 लाख रुपया मुआवजा प्रदान करे एवं उनकी धरम पत्नी को अविलंब स्थानीय शासकीय कार्यालय में स्थायी नौकरी प्रदान करें । इस अवसर पर सांसद व विजय बघेल जी, भाजपा जिला अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा, जिला महामंत्री ललित चंद्राकार, सक्रिय वार्ड पार्षद शिवेंद्र परिहार, सक्रिय पूर्व पार्षद अल्का बाघमार, व्यवसायिक प्रकोष्ठ प्रदेश सह संयोजक कांति लाल बोथरा, भाजपा नेता मनमोहन शर्मा, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष नितेश साहू, विद्यार्थी परिषद आकाश ठाकुर वार्ड वासी व परिवारजन उपस्थित थे ।