छत्तीसगढ़ के विकास को अवरूद्ध करने वाला बजट - बृजमोहन

रायपुर। भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के आम बजट को अत्यंत निराशाजनक, प्रदेश को कर्ज में डूबाने वाला व विकास विरोधी  बताते हुए कहा कि सरकार प्रदेश को 20 साल पीछे ले जाने के लिए अग्रसर है। छत्तीसगढ़ सरकार के बजट में जो प्रावधान किए गए हैं उसमें से अधिकांश केंद्र सरकार से मिलने वाले राशि से पूरा होना है। पूंजीगत व्यय के लिए सिर्फ 14% राशि रखी गई है। वहीं ब्याज पटाने के लिए बड़ा प्रावधान रखा गया है बजट में परिसंपत्ति के निर्माण के लिए कुछ नहीं है। 14,600 करोड़ का बजट घाटा अनुमानित है जो 3.33% है। यह सरकार के नकारापन को दिखाता है। बजट में ऋण का प्रावधान किया गया है उससे तो स्पष्ट परिलक्षित हो रहा है कि सरकार अर्थव्यवस्था को कर्जा और ब्याज में डुबाने में लगी हुई है।

 अग्रवाल ने कहा कि बजट में प्रति व्यक्ति आय जहां लगभग 18 प्रतिशत बढ़ा है जबकि प्रति व्यक्ति ऋण 150 प्रतिशत बढ़ा  है। प्रदेश का हर व्यक्ति 40 हजार से अधिक का ऋणी हो गया है। केंद्र सरकार से प्राप्त होने वाले 13 लाख आवास के लिए राज्यांश  की पर्याप्त व्यवस्था नहीं किया गया है। बजट में सिर्फ 800 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। जिससे यह स्पष्ट परिलक्षित हो रहा है कि सरकार, गरीबों का मकान नहीं बनाना चाह रही है गरीबों के सर से छत छीन रही है।

बजट में 10 लाख बेरोजगारों को 2500 रुपया बेरोजगारी भत्ता देने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कलेक्टर दर पर मानदेय और मितानिनों के लिए 5,000 रुपए प्रतिमाह मानदेय का प्रावधान कहीं नहीं है। अधिकारी और कर्मचारियों के लिए 14% डीए की व्यवस्था व चार स्तरीय वेतनमान, बढ़ा हुआ गृह भाड़ा की व्यवस्था बजट में कहीं नहीं है।
 अग्रवाल ने कहा कि राहुल गांधी के उत्तर प्रदेश के भाषण छत्तीसगढ़ के 26 जिलों में  फूडपार्क को पूरा करने तक का बजट में कोई प्रावधान नहीं है। किसानों को कृषि कार्य के लिए 51,000 से अधिक लंबित स्थाई पंप कनेक्शन के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। समग्र विकास योजना में 200 करोड़ का प्रावधान है जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। 

अग्रवाल ने कहा कि पूरे बजट में स्कूली शिक्षा के लिए कुछ नहीं रखा गया है प्रदेश में सिर्फ 12 हाई स्कूल का हायर सेकेंडरी  उन्नयन हो रहा है यह भी सोचने लायक विषय है। स्वास्थ्य विभाग के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बजट में कुछ नहीं है। प्रदेश के जर्जर सड़कों के लिए बजट में जो प्रावधान किया गया है इतने पैसे में तो सड़क बनाने की बात तो दूर जर्जर सड़कों का मरम्मत भी नहीं हो पाएगा।

अग्रवाल ने कहा है कि यह बजट जनता के साथ क्रूर मजाक है। छत्तीसगढ़ को 20 साल पीछे धकेलने वाला बजट है छत्तीसगढ़ को कर्ज में डुबाने वाला बजट है। छत्तीसगढ़ के एक-एक आदमी को कर्जदार बनाने वाला बजट है।